Saturday, May 9, 2020

तुझे ही नाविक बनना होगा

नौका है यह जीवन तेरा, तुझे ही नाविक बनना होगा
जाना है उस पार अगर, तो लहरों से लड़ना होगा

पर्वत शीर्ष के पत्थर जो, सूरज की गर्मी खाते हैं
फिर टूट वहां से घिस घिसकर, मोती सा बन जाते हैं
बनना है उस मोती सा, तो चोट तुझे सहना होगा
नौका है यह जीवन तेरा, तुझे ही नाविक बनना होगा

पथ तेरा कठिन है ओ राही, पर मंजिल भी अब दूर नहीं
चमकेगा तू उस सूरज सा, है जिसको कोई गुरूर नहीं
पर सूरज सा बनना है तो, सूरज बनकर जलना होगा
नौका का है यह जीवन तेरा, तुझे ही नाविक बनना होगा

है नहीं असंभव कुछ भी अब, बाधाएं भी जाएंगी दब
वंचित खानों को चित करने को, खड़े यहां तैयार हैं सब
लंबी उड़ान भरनी है तो, त्याग और तप करना होगा
नौका है यह जीवन तेरा, तुझे ही नाविक बनना होगा

Monday, May 4, 2020

जीवन : एक संघर्ष

यह जीवन है संघर्ष तेरा, कब तक इसको झुठलाएगा
जीवन रूपी हर दर्पण में, तू खुद ही धोखा खाएगा

हैं नई उमंगे भरी हुई, तेरे जीवन के हर क्षण में
अंतिम सांसो तक लड़ता है, एक वीर यहां जीवन रण में
किस्मत भी बदल दिया करता, मानव अब तो अपने दम पर
धरती जल, वायु सभी वश में, है वश में आग और अंबर

है जीवन में इतनी ज्योति, फिर जीता क्यों है मरा हुआ
क्यों नैनो को है बंद किए, तम के सागर से डरा हुआ
यूं हार जो मान लिया तट पर, इस पार खड़ा रह जाएगा
यह जीवन है संघर्ष तेरा, कब तक इसको झुठलाएग

यह भावी जीवन है तेरा, तुझको ही इसे जीना होगा
मजबूत बना के रख खुद को, अमृत संग विष पीना होगा
चलते चलते तेरे पथ में, एक बड़ा सा झोंका आएगा
ना होगी स्थिरता मन में, सब कुछ संग लेकर जाएगा

तब होश हवास तू खो करके, एक गलत रास्ता चुन लेगा
अपने जीवन का चक्रव्यू, अपने हाथों से बुन लेगा
फिर हार के बाजी लौटेगा, तन मन धन से पछताएगा
यह जीवन है संघर्ष तेरा, कब तक इसको झुठलाएगा

आप भगवान पर हम तो नादान हैं

वैसे भगवान हैं सब में बसते मगर  आपका रूप खुद में ही भगवान है  कोई गलती हुई माफ करना ज़रा  आप भगवान पर हम तो नादान हैं  एक बराबर का हम सबको द...