आपका रूप खुद में ही भगवान है
कोई गलती हुई माफ करना ज़रा
आप भगवान पर हम तो नादान हैं
एक बराबर का हम सबको दर्जा दिया
फिर कोई जाति हो या कोई धर्म हो
धर्म इंसानियत का सिखाया हमें
सबसे बढ़-चढ़कर अच्छे केवल कर्म हो
इस बहुत तेज़ चलते हुए विश्व में
एक उम्मीद की आप पहचान हैं
कोई गलती हुई माफ करना ज़रा
आप भगवान पर हम तो नादान हैं
गलती जब भी हुई मौका फिर से दिया
कि कदम बाद में लड़खड़ाए नहीं
हौसलों को हमारे सराहा सदा
तन्हा होकर कभी गिर ना जाएं कहीं
उम्र लंबी मिले आपको गुरुजनों
हम सभी के दिलों के अरमान हैं
कोई गलती हुई माफ करना ज़रा
आप भगवान पर हम तो नादान हैं