Tuesday, April 14, 2020

मामले मोहब्बत के

"मामले मोहब्बत के" 
 By- Mohd. Rizwan

मामले मोहब्बत के यूं न सुलझ पायेंगे
कोशिशें बढ़ेंगी तो और उलझ जायेंगे
मुंह को बंद रखो, बस धड़कनों को चलने दो
आज उसकी बाहों में, ही यह शाम ढलने दो
नजरें प्यासी प्यासी और प्यार की गुजारिश हो
दोनों दिल ही मिल जाएं एक ऐसी बारिश हो
आसमा तड़प जाए उन दिलों की बातों से
दिन भी खुद में शर्माए उन हसीन रातों से
सुर्ख तेरे होठों से नाम बस कमा जाऊं
इश्क तो समंदर है इश्क में समा जाऊं

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